कुट्टू के आटे की पकौड़ी – Kuttu ke Pakore – Kuttu Atta Recipes

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कुट्टू के आटे की पकौड़ी उत्तर भारत का प्रसिद्ध फलाहारी स्नेक है। व्रत उपवास में चाय और हरे धनिये की चटनी के साथ यह कुरकुरी पकोड़ी हर एक घर में खायी जाती हैं।

कुट्टू का आटा ही व्रत का आटा कहलाता है, कूटू को अंग्रेज़ी में बकव्हीट (buckwheat) बोलते हैं और पंजाबी में इसे ओखला कहा जाता है। व्रत में सिंघाड़े का आटा और राजगीर का आटा भी खाया जाता है। ग्लूटिन फ्री होने के कारण कोट्टु सेवन के बहुत फायदे है।

ब्रत में हम रोज के खाने से अलग ब्रत का खाना बनाते है, जिसमे कुटू, साबूदाना, दही, आलू, तो कभी कुछ दूध से बनी मिठाइयां बनती हैं जो खाने में बहुत स्वादिस्ट और हल्की होती है। आज हम आपको कच्चे आलू की कुटू की पकौड़ी बनाने की रेसपी स्टेप्स के साथ बता रहे हैं..

 kotu ke pkode

कुट्टू के पकोड़े बनाने की सामग्री:-

  • कुट्टू का आटा – 1 कप
  • आलू – 5-6
  • लाल मिर्च (पाउडर) – 1/2 चम्मच
  • गरम मसाला (पाउडर) – 1/2 चम्मच
  • हरी मिर्च (कटी हुई) – 2
  • हरा धनिया (कटा हुआ) – थोड़ा सा
  • सेंधा नमक – स्वादानुसार
  • शुद्ध घी या खाद्य तेल – पकोड़े तलने के लिए

कुट्टू के पकोड़े बनाने की विधि:-

 vrat ki pkodi step 1

सबसे पहले कच्चे आलू को धो कर आलू का छिलका उतार लीजिये।

 vrat ki pkodi step 2

छिले हुए आलुओं के गोल आकार में पतले स्लाइज काट लीजिये। कटे हुए आलू के पीसों को पानी में भिगो दीजिये जिससे आलू काले नही पड़ेंगे।

 vrat ki pkodi step 3

एक बड़ी बाउल में कोट्टु का आटा पलटिए उसमें हरी मिर्च, हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और सेंधा नमक मिलाकर थोड़ा-थोड़ा पानी मिक्स करते हुए गाड़ा घोल बना लीजिये।

 vrat ki pkodi step 4

कटे हुए आलू के पीसों को कुट्टू आटे के घोल में डाल कर अच्छे से मिक्स कर लीजिये।

 vrat ki pkodi step 5

एक पेन या कढ़ाई में शुद्ध घी गर्म कीजिये, उसमें कोट्टु की आटे में डिप किये हुए आलू के पीस एक-एक करके छोड़िये।

 vrat ki pkodi step 6

कोट्टु के पकोड़ों को उलट-पलट करके ब्राउन होने तक तल लीजिये और एक प्लेट में पेपर नैपकिन बिछाकर उसमे तले हुए पकोड़े निकाल लीजिये।

कच्चे आलू के कुटू के पकोड़े तैयार है, इनको हम हरी चटनी और दही के साथ खा और सर्व कर सकते है।

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उपयोगी सुझाब:

कोट्टु की पकोड़ियों का घोल इडली के घोल से ज्यादा गाढ़ा होना चाहिये।

कुट्टू आटे के घोल में उबले आलू को मैश करके मिला लें, उसको कढ़ाई में थोड़ा-थोड़ा छोड़ कर पकोड़ों के आकार में फ्राई कर लीजिये, यह पकोड़े भी बहुत टेस्टी बनेगे।

कोट्टु आटे की जगह सिंघाड़े के आटे का घोल बना कर आप इसी तरह सिंघाड़े आटे वाले आलू के पकोड़े बना सकते हैं।

शुद्ध घी में फ्राई किये गये व्रत उपवास के पकवानों में स्वाद और सुगंध बहुत अच्छी आती है पर इसकी जगह आप अपने स्वादानुसार कोई भी खाद्य तेल उपयोग कर सकते हैं।

कुट्टू आटा सेवन के फायदे:-

कुट्टू 75 फीसदी काबोहाइड्रेट और 25 फीसदी हाई क्वालिटी प्रोटीन वाला अनाज है।

कुट्टू का सेवन वजन कम करने में बहुत मदद करता है।

यह अघुलनशील फायबर का बहुत अच्छा स्रोत है जिसका सेवन गॉलब्लैडर में पत्थरी होने से बचाता है।

(5 फिसदी ज्यादा घुलनशील फायबर लेने से गाल ब्लैडर की पत्थरी होने का खतरा 10 फीसदी कम हो जाता है ऐसा अमेरिकन जरनल ऑफ गेस्ट्रोएनट्रोलॉजी कहता है।)

कुट्टू के आटे का ग्लिसेमिक इंडेक्स 47 होता है और इसमें फाइबर अधिक होता है इसलिये इसका सेवन मधुमेह रोगी के लिये बहुत फायदेमंद है।

Recipe Summary:-

 

2 Responses

  1. Rekha Goel

    Nice recipe

    (5/5)
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  2. Satyendra

    Thanks for sharing this recipe.

    (5/5)
    Reply

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