पेठा मिठाई बनाने की विधि – Petha Banane ki Vidhi

reena gupta By Reena Gupta, On

पेठा की मिठाई आगरा में बनाई जाने वाली उत्तर भारत का एक लोकप्रिय मीठा व्यंजन है। पेठे के फल से बनी यह मिठाई पारदर्शी, मुलायम, जूसी सफेद रंग की कैंडी जैसी लगती है, पेठे की मिठाई को सूखा और रसीला दोनों तरह से बनाया जाता है।

पेठा मिठाई बनाने के लिये पहले पेठे के फल का छिलका हटाकर गोदा जाता है फिर उसको चूने के पानी में भिगो कर, अच्छे से धोकर सुगन्धित चीनी की चाशनी में पकाया जाता है।

पेठा मिठाई को आप रुचिअनुसार छोटे-बड़े या गोल और अंगूरी आकार में बना सकते हैं। इसी तरह इस मिठाई को अनेक रंगों और अनेक स्वादों जैसे केवड़ा पेठा, पान पेठा, केसर पेठा इत्यादि बना सकते हैं।

पेठा रेसिपी में हमने स्टेप बाई स्टेप चित्रों के साथ आगरे का पेठा बनाने का तरीका आपके साथ शेयर किया है साथ-ही साथ पेठा मिठाई को स्टोर करने एवं स्वाद में बदलाव सम्बन्धी सुझाव भी साझा किए हैं…..

 Petha Sweet

पेठा मिठाई बनाने की सामग्री:-

  • पेठा फल – 1 किलो ग्राम
  • चीनी – 1 किलो ग्राम
  • केवड़ा (एसेंस) – 1 चम्मच
  • चूना (पान वाला) – 2 चम्मच

पेठा मिठाई बनाने की विधि:-

 Petha Sweet  1

01: पेठा मिठाई बनाने के लिये सबसे पहले पेठे के फल को छील कर उसके गूदे वाला हिस्सा चित्रानुसार हटा दीजिए। ओर फिर फल को साफ़ पानी से धो लीजिये।

 Petha Sweet  2

02: अब पेठे को अपने मन चाहे आकार में काट लीजिये और कांटे वाले चम्मच से कटे हुए टुकड़ो को चारो तरफ से चित्रानुसार गोद लीजिये।

 Petha Sweet  3

03 अब एक बर्तन में पानी ले कर उसमे चूना घोलेंगे। (चूना किसी भी पान वाले की दुकान पर आसानी से मिल जाता है।)

 Petha Sweet  4

04: काट कर गोदे हुए पेठे के टुकड़ों को चूने वाले पानी में 6 से 7 घंटों के लिये भिगो कर रख दीजिये।

 Petha Sweet  5

05: तय समय के बाद पेठे के टुकड़ों को चूने के पानी से निकाल कर साफ़ पानी से अच्छी तरह से धो लीजिये। (ध्यान रहे पेठे के टुकड़ों में चूने का असर बिलकुल भी न रहे।)

 Petha Sweet  6

06: अब एक भगोने में लगभग 7०० ग्राम चीनी और 8०० ग्राम पानी ले कर चासनी तैयार करिये और चासनी में केवड़े के एसेंस को डाल कर 10 मिनट तक पकाएं।

 Petha Sweet  7

07: अब पकती हुई चासनी में पेठे के टुकड़ों को डाल कर बीच-बीच में चलाते हुए पकने दीजिये।

 Petha Sweet  8

08: टूथपिक की सहायता से यह चैक कीजिये कि पेठा ठीक से पक गया है या नही। लगभग 8-10 मिनट के बाद पेठा पारदर्शी दिखाई देने लगता है।

 Petha Sweet  9

09: लीजये तैयार हो गया आपका रस वाला पेठा ,पेठे को चासनी में से निकाल कर केसर की पत्तियों से गार्निश करके सर्व कीजिये।

 Petha Sweet  10

10: अगर आप सूखा पेठा बनाना चाहते हैं जो ज्यादा समय तक खाने योग्य बना रहे तो आप बची हुई चासनी में बची हुई चीनी डाल कर दो तार की चासनी बना लीजिये।

 Petha Sweet  11

11: पेठे के टुकड़ों को चाशनी में डिप करके बाहर निकाल कर रखिये, पेठा कुछ ही देर में सूख जाएगा । सूखे पेठे की मिठाई जल्दी खराब नही होती है।

 Petha Sweet  12

12: लीजये तैयार हो गई आपकी सूखी और रस वाली पेठे वाली मिठाई। शान से सर्व कीजिये और स्वयं भी खाइये।

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उपयोगी सुझाब:

आइये जानते हैं कुछ ऐसे सुझाव जो की स्वादिष्ट आगरे का पेठा बनाने और स्टोर करने में निश्चित ही आपको उपयोगी लगेंगे….

स्वाद में बदलाव एवं बनाने सम्बन्धी सुझाव :-

पेठा मिठाई की चाशनी बनाते समय आप इसमें अपनी पसंद के अनुसार रंग और सुगंध मिला लीजिये, आपके स्वादानुसार पेठे की मिठाई तैयार हो जाएगी।

सफेद रंग के पेठे में केवड़ा की खुशबू मिलाइये, यह सुगंध सभी को बहुत पसंद आयेगी।

छोटे-छोटे गोल आकार में कटे रंग विरंगे अंगूरी पेठा और रस से भरा केसर के रंग और सुगंध वाला केसरी पेठा बहुत पसंद किए जाते हैं।

पेठा मिठाई में घी का प्रयोग बहुत ही कम होता है।

स्टोर करने एवं सर्व करने सम्बन्धी सुझाव :-

फ्रिज की सहायता से रसीली पेठा मिठाई चार दिनों तक स्टोर हो सकती है और सूखी पेठा मिठाई दस दिनों तक खाई जा सकती है।

उत्तर भारत विशेषकर राजस्थान में भोजन के बाद पेठे का एक पीस डेसर्ट के रूप में जरूर खाते हैं।

पेठा फल के अन्य नाम :-

पेठा फल (Benincasa hispida) को कुष्मांड का फल, सफेद कद्दू, भतुआ, कोंहड़ा, कुम्हड़ा आदि नामों से जाना जाता है। कच्ची अवस्था में यह फल हरा, पर पकने पर पीले रंग का हो जाता है।

पेठा फल सेवन के फायदे :-

विकिपीडिया के अनुसार पेठे में आर्द्रता 94.8; प्रोटीन 0.5; वसा (ईथर निष्कर्ष) 0.1; कार्बोहाइड्रेट 4.3; खनिज पदार्थ 0.3; कैल्सियम 0.1; फास्फोरस 0.3% लोहा 0.6 मि.ग्रा./,100 ग्र. विटामिन सी, 18 मिग्रा. या 100 ग्रा. होता है।

आयुर्वेद में यह लघु, स्निग्ध, मधुर, शीतवार्य, बात, पित्त, क्षय, अपस्मार, रक्तपित्त और उनमाद नाशक, बलदायक, मूत्रजनक, निद्राकर, तृष्णाशामक और बीज कृमिनाशक आदि कहा गया है। इसके सभी भाग-फल, रस, बीज, त्वक्‌ पत्र, मूल, डंठल-तैल ओषधियों तथा अन्य कामों में प्रयुक्त होते हैं।

कुछ अन्य स्वादिष्ट मिठाई की सचित्र रेसीपीज :-

Recipe Summary:

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2 Responses

  1. Avatar Jyotika Khurana

    बहुत लाजबाब रेसिपी,

    (5/5)
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  2. Avatar Ankita Tomar, Bijnaur

    पेठे की मिठाई बना कर सच में आगरे की याद ताजा कर दी, मैंने वहीं से मेडिकल किया है।

    (5/5)
    Reply

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