साबूदाने की खिचड़ी – Sabudane ki Khichdi kaise banti hai

reena gupta By Reena Gupta, On

साबूदाने की खिचड़ी (साबूदाना खिचड़ी) एनर्जी से भरपूर एक सर्वोत्तम फलाहार है। सभी प्रमुख व्रत उपवास जैसे नवरात्रि व्रत, शिवरात्रि व्रत और सावन माह के दौरान इस व्रत के व्यंजन को बहुत चाव से खाया जाता है।

साबूदाने की खिचड़ी में आप स्वादानुसार आलू, मूंगफली के दाने, हरा धनिया, हरी मिर्च और हल्के मसालों मिक्स कर इसको बहुत टेस्टी बना सकते हैं।

स्वास्थ के लिये फायदेमंद पौष्टिक साबूदाने में स्टार्च की मात्रा बहुत होती है, जिसके कारण इसको खा कर आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। महाराष्ट्र में सागो खिचड़ी को स्ट्रीट फूड के रूप में बेचा जाता है।

साबूदाना खिचड़ी रेसिपी में हमने चित्रों एवं सरल स्टेप्स के साथ साबूदाने की खिचड़ी बनाने की विधि, साबूदाना के फायदे, स्वाद में बदलाव के लिये टिप्स और स्टोर करने एवं सर्व करने सम्बन्धी सुझाव शेयर किए हैं। आइये जाने साबूदाना खिचड़ी के लिये आवश्यक सामग्री की मात्रा….

sago khichdi

साबूदाने की खिचड़ी बनाने की सामग्री:

  • साबूदाना (Sago) – 1 कप (पानी में भीगा हुआ)
  • मूंगफली के दाने (Grain Peanuts) – 1/2 कप
  • जीरा (Cumin Seed) – 1 चम्मच
  • करीपत्ता/कढ़ीपत्ता (Sweet Neem Leaf) – 4-5
  • आलू (Potato) – 1 (उबाल कर काटा हुआ)
  • हरी मिर्च बारीक कटी हुई (Green Chilli ) – 1
  • टमाटर लाल (Tomato) – 1 (व्रत आहार में टमाटर न डाले)
  • सेंधा नमक / लाहौरी नमक (Rock salt) – स्वादानुसार
  • हरा धनिया बारीक कटा हुआ (Coriander) – 2 चम्मच
  • नींबू का रस (Lemon Juice) – 1 चम्मच
  • शुद्ध घी / देसी घी (Desi Ghee) – 2 चम्मच

व्रत उपवास के व्यंजन बनाने में नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग करें, कुछ जगह पर फलहारी व्यंजन में टमाटर नहीं खाया जाता है अतः ध्यान रखें।

साबूदाने की खिचड़ी बनाने की विधी :-

 sabudana pulao step 1

मूंगफली के दानों को भून कर उनका छिलका उतार लीजिये।

 sabudana pulao step 2

छिल्का उतरे मूंगफली के दानो को मिक्सर में दरदरा पीस लीजिये।

 sabudana pulao step 3

भीगे हुए साबूदाने का पानी निकाल लीजिये।

 sabudana pulao step 4

अब साबूदाने में दरदरे किये हुए मूंगफली के दानो को मिला दीजिये।

 sabudana pulao step 5

एक पेन में घी गर्म करके उसमें जीरे, हरी मिर्च और करी पत्ते को तड़का कर कटे हुए आलू और टमाटर डाल कर एक दो मिनट पका लीजिये।

 sabudana pulao step 6

इस तैयार मिक्स तड़के में मूंगफली मिले साबूदाने को पलट दीजिये और चला कर मिक्स कर लीजिये।

 sabudana pulao step 7

पेन को ढक कर साबूदाने की खिचड़ी को पाँच मिनट तक पका लीजिये।

 sabudana pulao step 8

तय समय बाद ढक्कन खोल कर इसमें नमक और नीबू का रस मिला दीजिये।

आपकी स्वादिष्ट फलाहारी साबूदाने की खिली-खिली खिचड़ी तैयार है, सर्विंग प्लेट में निकालिये खाइये और खिलाइये।

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उपयोगी सुझाब :-

आइये जानते हैं कुछ ऐसे सुझाव जो कि साबूदाने की खिचड़ी बनाने, सर्व करने और स्टोर करने में निश्चित ही आपको उपयोगी लगेंगे….

साबूदाना के फायदे – Sabudana ke Fayde:-

साबूदाना एक सुपर फ़ूड है इसके सेवन से हड्डियां मजबूत होती है।

साबूदाने में फेट की मात्रा कम और कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्‍कैल्शियम और पोटैश‍ियम की मात्रा ज्यादा होती है।

100 ग्राम साबूदाने में लगभग 1 ग्राम प्रोटीन, 11% जिंक (RDI),1 ग्राम फैट और 332 केलोरी पाई जाती है।

साबूदाना एक जल्दी पच जाने वाला आहार है, इसके सेवन से कब्ज की शिकायत भी दूर होती है।

साबूदाने में स्टार्च की मात्रा बहुत होती है, जिसके कारण साबूदाने का व्यंजन खाने के बाद आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है।

साबूदाना दो तरह के होते हैं एक बड़े और सामान्य आकार के, जबकी छोटे आकार के साबूदाने आपस में हल्के से चिपके चिपके रहते हैं, बाहर एशियाई स्टोर्स में यह साबूदाना Tapioca के नाम से उपलब्ध हो जाता है, बड़े साबूदाने से ही खिली – खिली और टेस्टी खिचड़ी बनती है।

स्वाद में बदलाव एवं बनाने सम्बन्धी सुझाव :-

साबूदाने के दानों को सारे स्टार्च के निकल जाने तक अच्छे से धो लीजिये जिससे बाद में दाने चिपकें नहीं।

अगर आप बिना व्रत के रोजाना के नाश्ते के लिये साबूदाने की खिचड़ी बना रहे है तब इसमें प्याज, टमाटर और अन्य मन पसंद सब्जियां मिला सकते हैं।

साबूदाने की बिखरवाँ खिली-खिली खिचड़ी पानी में अच्छी तरह से फूले हुए साबूदाने से ही बनती है, अतः बड़े आकार के साबूदाने को रात भर और छोटे साबूदाने को कम से कम दो घंटे पानी में जरूर फुलाइए।

स्वाद में बदलाब के लिये सागो पुलाव में हल्का सा लालमिर्च पाउडर के साथ बूरा (चीनी पाउडर) छिड़क कर सर्व कीजिये, खिचड़ी बहुत टेस्टी लगेगी।

साबूदाने की खिचड़ी को सर्व करने सम्बन्धी सुझाव :-

आमतौर पर साबूदाने की खिचड़ी को पतले दही (छाज) के साथ सर्व किया जाता है।

व्रत उपवास के अतिरिक्त आप कभी भी साबूदाने की खिचड़ी को खा सकते है, इसको शाम की चाय के समय अल्पाहार के रूप में नीबू का रस डाल कर खाना अच्छा लगता है।

आप उबले आलू के पीसों की जगह फ्राई किये आलू के पीसों को डाल कर भी साबूदाना खिचड़ी बनाइये बहुत खिली-खिली खिचड़ी बनेगी जिसको सभी पसंद करेंगे।

व्रत उपवास में ऑफिस या बच्चों के लंचबॉक्स में रखने के लिये खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी एक परफेक्ट व्यंजन है। इसको व्रत वाली चटनी के साथ पैक कीजिये।

कुछ अन्य व्रत उपवास व्यंजन की सचित्र रेसीपीज :-

Recipe Summary:

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One Response

  1. राहत अली बचराईऊन

    बहुत अच्छा समझाया है, एक ही बार में समझ या गया, सब साइट बहुत अच्छी है।

    (5/5)
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